दर्द भरी ग़ज़ल इन हिंदी 2021 । Dard Bhari ghazal in hindi with image
Dosto आज आपके लिए पेश है दर्द भरी ग़ज़ल (dard Bhari Ghazal in hindi ) वो भी हिंदी में । दोस्तो हमारे जीवन में अगर किसी बात को या किसी दुख को किसी को बिना उस कहे बताने का जरिया है शायरी ओर ग़ज़ल ( shayari and ghazal ) इससे लोगो को दर्द का पता खाली इसको पद कर ही पता चल जाता है । दर्द भरी शायरी ओर ग़ज़ल (dard Bhari Ghazal ) में किसी इंसान के मन की बातो का पता चलता है । अगर कोई इंसान किसी से अपनी बात नहीं कर सकता है तो वह ग़ज़ल (Ghazal) लिखता है ओर अपनी बात को ग़ज़ल ( के माध्यम से लोगो तक पहुंचाता है । इसी रूप में हम आपके लिए लेके आए है बेस्ट दर्द भरी ग़ज़ल ओर साथ में इमेज ग़ज़ल । (Dari bhari ghazal in hindi with image) so let's start
Dard Bhari Ghazal in hindi with image 2021
(1)
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| Dard Bhari Ghazal in Hindi |
आ समन्दर के किनारे पथिक प्यासा रह गया,
था गरल से जल भरा होकर रुआंसा रह गया।
था सफर बाकि बहुत मजिल अभी भी दूर थी,
हो गया बढना कठिन घिर कर कुहासा रह गया।
लग रहे नारे हजारो छप रही रोज लाखो खबर,
गौर से जब देखा तो बन तमाशा रह गया।
एक बुत गढ ने लगी अनजान में ही मगर,
हादसा ऐसा हुआ की वह बिन तराशा रह गया।
छोड़ कर आशा किसी का चल पड़ा बेचारा राज,
आज वादा लोगो का बस दिलासा रह गया।
Dard Bhari Ghazal in Hindi with image
(2)
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| Dard Bhari ghazal in Hindi |
दूर से देखा तो बडे ही सुहाने मन्जर थे !
पास पहुचे तो सारे खेत ब॑जर थे !!
हम उनके पास से भी प्यासे लॊटे !
जिनकी आ॑खो मे, प्यार के समन्दर थे !!
मासूम चेहरो मे जब भी झा॑क कर देखा !
कितने ही शैतान उनके अन्दर थे !!
खुशी-खुशी उनके पहलू मे जा बैठे !
जिनके हाथो मे खूनी ख॑जर थे !!
वक्त की मार से बच सका है कॊन !
मिल गये धूल मे, कल तक जो सिकन्दर थे !!
(3)
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| Dard Bhari Ghazal in Hindi |
दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है
मिल जाये तो मिट्टी है खो जाये तो सोना है
अच्छा-सा कोई मौसम तन्हा-सा कोई आलम
हर वक़्त का रोना तो बेकार का रोना है
बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने
किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है
ग़म हो कि ख़ुशी दोनों कुछ देर के साथी हैं
फिर रस्ता ही रस्ता है हँसना है न रोना है
ये वक्त जो तेरा है, ये वक्त जो मेरा
हर गाम पर पहरा है, फिर भी इसे खोना है
आवारा मिज़ाजी ने फैला दिया आंगन को
आकाश की चादर है धरती का बिछौना है
Dard Bhari Ghazal in hindi with image
(4)
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| Dard Bhari ghazal in hindi |
झूठ सच्चाई का हिस्सा हो गया
इक तरह से ये भी अच्छा हो गया
उस ने इक जादू भरी तक़रीर की
क़ौम का नुक़सान पूरा हो गया
शहर में दो-चार कम्बल बाँट कर
वो समझता है मसीहा हो गया
ये तेरी आवाज़ नम क्यूँ हो गई
ग़म-ज़दा मैं था तुझे क्या हो गया
बे-वफाई आ गई चौपाल तक
गाँव लेकिन शहर जैसा हो गया
सच बहुत सजता था मेरी ज़ात पर
आज ये कपड़ा भी छोटा हो गया|
(5)
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| Dard Bhari ghazal in Hindi |
फूल की बातें सुनाकर वो गया,
किस अदा से वक़्त काँटे बो गया ।
गाँव की ताज़ा हवा में था सफ़र,
शहर आते ही धुएँ में खो गया ।
मौत ने मुझको जगाया था मगर,
ज़िंदगी के फ़लसफ़ों में सो गया ।
मेरा अपना वो सुपरिचित रास्ता,
कुछ तो है जो अब तुम्हारा हो गया ।
पा गया ख़ुदगर्ज़ियों का राजपथ,
रास्ता जो भी सियासत को गया ।
सीख तेरी काम आ जाती मगर,
हाथ से निकला जो अवसर तो गया ।
कौन बतलाए हुआ उस पार क्या,
लौटकर आया नहीं है जो गया ।




