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दर्द भरी ग़ज़ल इन हिंदी 2021 । Dard Bhari ghazal in hindi with image

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Dosto आज आपके लिए पेश है दर्द भरी ग़ज़ल ( dard Bhari Ghazal in hindi ) वो भी हिंदी में । दोस्तो हमारे जीवन में अगर किसी बात को या किसी दुख को किसी को बिना उस कहे बताने का जरिया है शायरी ओर ग़ज़ल ( shayari and ghazal ) इससे लोगो को दर्द का पता खाली इसको पद कर ही पता चल जाता है । दर्द भरी शायरी ओर ग़ज़ल ( dard Bhari Ghazal ) में किसी इंसान के मन की बातो का पता चलता है । अगर कोई इंसान किसी से अपनी बात नहीं कर सकता है तो वह ग़ज़ल ( Ghazal )  लिखता है ओर अपनी बात को ग़ज़ल ( के माध्यम से लोगो तक पहुंचाता है । इसी रूप में हम आपके लिए लेके आए है बेस्ट दर्द भरी ग़ज़ल ओर साथ में इमेज ग़ज़ल । ( Dari bhari ghazal   in hindi with image ) so let's start  Dard Bhari Ghazal in hindi with image 2021 (1) Dard Bhari Ghazal in Hindi आ समन्दर के किनारे पथिक प्यासा रह गया, था गरल से जल भरा होकर रुआंसा रह गया। था सफर बाकि बहुत मजिल अभी भी दूर थी, हो गया बढना कठिन घिर कर कुहासा रह गया। लग रहे नारे हजारो छप रही रोज लाखो खबर, गौर से जब देखा तो बन तमाशा रह गया। एक बुत गढ ने लगी अनजान में ही...

Javed Akhtar ghazal in Hindi ,20 ghazal of Javed Akhtar

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समय  Dosto apko aj ek ese शख्स की गजल को आपके सामने लेके आया हूं । Javed Akhtar   इनको कोन नहीं जानता आज के समय में। So let's start  ज़िन्दगी को जावेद अख्तर ने करीब से देखा है। उनके गीत और गजलें शायद यहीं कर रही है। शायराना अंदाज उनको पिता जां निसार अख्तर से मिला। साहिर लुधियानवी का साथ और गुलजार की दोस्ती ने javed Akhtar को तराशा। मोहब्बत को आशिकाना अंदाज में पेश करने में जावेद अख्तर हमेशा आगे रहे। जावेद अख्तर अपनी गजलों में इश्क करने के बाद किसी तरह के पश्चाताप का जिक्र नहीं करते हैं। यह उन्हें जिंदादिल शायर का दर्जा देता है।  Javed Akhtar ghazal in hindi । 20 ghazal of Javed Akhtar Javed Akhtar ghazal in hindi आँखों में मंज़र कोई आँखों में मंज़र कोई बसाया जाए, नफ़रत का काला धुआं हटाया जाए। आलम कोई भी हो बदल जायेगा, जाम लबों से कोई लगाया जाए। कोई तो अपना भीड़ में आयेगा नज़र, झुकी पलकों का फिर उठाया जाए। शायद वो आये किसी रोज सजदा करने, आँचल इसी उम्मीद से बिछाया जाए। दिल से दुआ निकल आयेगी दोस्तों, सिसकते होंठों को गर हंसाया जाए। फर्ज इन्सान का यही कहता है  ...

Mirza ghalib ghazal । Hindi ghazal Ghalib Mirza sahab

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मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) की आज 221वीं जयंती (Mirza Ghalib's 221th Birthday) है. मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म (Mirza Ghalib Birthday) 27 दिसंबर, 1797 को हुआ था और उनका असली नाम मिर्जा असुद्ल्लाह बेग खान था. मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) को उर्दू, फारसी और तुर्की समेत कई भाषाओं का ज्ञान था. उन्होंने फारसी और उर्दू रहस्यमय-रोमांटिक अंदाज में अनगिनत गजलें ल‍िखीं. ग़ालिब (Ghalib) की शादी बहुत ही कम उम्र में हो गई थी. ग़ालिब की दो कमजोरियां थीं- शराब और जुआं. ये दो बुरी आदतें जिंदगी भर उनका पीछा नहीं छोड़ पाईं. मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी में दर्द और इश्क का जिक्र खुलकर आता है. मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी के अलावा उनके लिखें शेर और ग़ज़लें भी बेहद पसंद की जाती हैं. ग़ालिब की एक ग़ज़ल की कुछ पक्तियां आज भी लोगों की जुबान पर रहती हैं.  Galib ki ghazale in hindi  Mirza ghalib ki Ghazal in Hindi  Mirza ghalib ghazal in Hindi नफ़स न अंजुमन-ए-आरज़ू नफ़स न अंजुमन-ए-आरज़ू से बाहर खींच अगर शराब नहीं इन्तज़ार-ए-साग़र खींच कमाल-ए-गरमी-ए सई-ए-तलाश-ए-दीद न पूछ ब रंग-ए-ख़ार मिरे आइने से जौ...

Best collection for jagjit singh Ghazal in hindi । जगजीत सिंह Ghazal in hindi

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 दोस्तो आज आपके लिए पेश है jagjit singh ghazal in hindi  जगजीत सिंह का नाम आते ही कई ग़ज़लें बरबस ही याद आ जाती हैं इसलिए उन्हें 'ग़ज़ल-सम्राट' कहा जाता है, उनकी दी हुई आवाज़ के कारण कई ग़ज़लें आज ज़हन में गूंजती रहती हैं। पेश हैं कुछ ऐसी ही ग़ज़ल जिनकी स्मृति होने पर ग़ज़लकार तो याद आते ही हैं लेकिन जगजीत भी स्मरण हो आते हैं। Best collection jagjit singh Ghazal in hindi  Best collection jagjit singh Ghazal in hindi जगजीत सिंह ghazal in hindi प्यार का पहला खत   प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है, नये परिन्दों को उड़ने में वक़्त तो लगता है. जिस्म की बात नहीं थी उनके दिल तक जाना था, लम्बी दूरी तय करने में वक़्त तो लगता है. गाँठ अगर पड़ जाए तो फिर रिश्ते हों या डोरी, लाख करें कोशिश खुलने में वक़्त तो लगता है. हमने इलाज-ए-ज़ख़्म-ए-दिल तो ढूँढ़ लिया है, गहरे ज़ख़्मों को भरने में वक़्त तो लगता है। जगजीत सिंह Ghazal in hindi मयकदे से कौन प्यासा जायेगा मय पिलाकर आपका क्या जाएगा, जाएगा ईमान जिसका जायेगा, देखकर मुझको वो शरमा जाएगा, ये तमाशा किससे देखा जायेगा. जाऊ...

Rahat Indori shahab ghazal । Best collection rahat Indori shayari in hindi on love

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  आज आपको rahat Indori sahab ghazal , best rahat Indori shayari , rahat Indori nafrat shayari , rahat Indori sad shayari , best rahat Indori ghazals collection Rahat Indori  साहब की ग़ज़लें   दोस्तो आज भले ही राहत इंदौरी साहब हमारे बीच नहीं रहे लेकिन आज भी उनकी गजलों को उनकी शायरी को पहले की ही तरह बहुत पसंद किया जाता है। इसी रूप में आज आपके के लिए राहत इंदौरी साहब की मुख्य ग़ज़लें ओर उनकी द्वारा कहीं गई बेस्ट शायरी का collection  लेके आया हूं ।  rahat Indori sahab ghazal , best rahat Indori shayari , rahat Indori nafrat shayari , rahat Indori sad shayari , best rahat Indori ghazals collection Rahat Indori  साहब की ग़ज़लें  1 . सफ़र की हद है वहाँ तक कि कुछ निशान रहे| चले चलो के जहाँ तक ये आसमान रहे| ये क्या उठाये क़दम और आ गई मन्ज़िल, मज़ा तो जब है के पैरों में कुछ थकान रहे| वो शख़्स मुझ को कोई जालसाज़ लगता है, तुम उस को दोस्त समझते हो फिर भी ध्यान रहे| मुझे ज़मीं की गहराईयों ने दाब लिया, मैं चाहता था मेरे सर पे आसमान रहे| अब अपने बीच मरासिम नह...